पाली। रविवार को पुलिया निर्माण की खुदाई शुरू हुई तो जल संस्थान ने पानी की पाइप लाइन का हवाला देकर काम रुकवा दिया। लेकिन, जल संस्थान के कर्मचारी यह नहीं बता सके कि पाइप लाइन कितने फिट नीचे है। काम रुक जाने से एक बार बसस्टैंड क्षेत्र के लोग परेशान हो उठे हैं।
जलभराव की समस्या से जूझ रहे पाली बस स्टैंड पर पानी की निकासी के लिए पुलिया के निर्माण का निर्णय लिया गया। पाली उपजिलाधिकारी/अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने पीडब्लूडी से बात कर पुलिया निर्माण की राह खोल दी थी। लेकिन, जैसे ही काम शुरू हुआ, जल संस्थान ने यह कहकर काम रुकवा दिया कि पाइप लाइन टूट सकती है। दरअसल, बस स्टैंड के निवासी बरसात के समय होने वाली जलभराव की समस्या से परेशान रहते हैं। जाखलौन से बंगरिया मार्ग का चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण हो रहा है, जिससे नई सड़क का स्तर डेढ़ से दो फीट तक ऊंचा हो गया है। इससे अंदाजा लगाया जाने लगा कि चार से पांच फीट तक जलभराव होगा, जिससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होगी। इस कारण लोगों ने पुलिया बनवाने की मांग की थी। रविवार को पुलिया निर्माण के लिए जैसे ही खुदाई शुरू हुई तो जलसंस्थान कर्मचारी ने यह कहकर काम रुकवा दिया कि पानी की सप्लाई के लिए पाइप लाइन निकली है, लेकिन अंदाजा नहीं है कि कितनी गहराई पर है। पानी की आपूर्ति बाधित न हो, इसलिए काम रोक दिया गया।
पहले भी थी पुलिया
बस स्टैंड पर जलभराव न हो इसके लिए पहले चौराहे की पाली-घटवार सड़क के नीचे से पानी के पाइप निकले थे। एक दशक पूर्व नगर पंचायत ने पाइपों को बंद कराकर पाली- बंगरिया मार्ग पर नाली का निर्माण कराया था। लेकिन, यह नाली बरसात के पानी की निकासी में सफल नहीं है।
सड़क के नीचे से पानी की सप्लाई के लिए पाइप लाइन निकली है, लेकिन पइप लाइन किस स्थान पर कितनी नीची बिछी है, इसकी सही जानकारी नहीं मिलने के कारण कार्य को रोक दिया गया है। अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया।
- राहुल सिंह, अवर अभियंता
जलसंस्थान की पाइप लाइन सड़क के नीचे से निकली है। मजदूरों के माध्यम से उसकी खुदाई करा दी जाएगी, ताकि पाइप लाइन को कोई क्षति न हो।
- अभिलेष, अवर अभियंता जलसंस्थान
दो माह से खराब पड़ा हैंडपंप
पाली। बस स्टैंड पर लोगों की पानी की जरूरत पूरी करने के लिए दो हैंडपंप लगे हैं। लेकिन, बालू साहू की दुकान के आगे लगा हैंडपंप दो माह से खराब पड़ा है। श्रीबालाजी मंदिर के पास लगे हैंडपंप से पानी निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। लोगों ने जल्द हैंडपंप दुरुस्त कराने की मांग की है।