साहब! दिलवा दीजिए कुएं का मुआवजा

ललितपुर। सिंचाई खंड में जामनी और सजनम बांध के अवैध पट्टों का प्रकरण अभी सुलझ नहीं सका था कि भावनी बांध के भूमि अधिग्रहण में किसानों के उत्पीड़न का एक और मामला सामने आया है। उसको कूप की धनराशि नहीं दी जा रही है। पीड़ित ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई के लिए मांग उठाई है।बांध आदि निर्माण के दौरान भूस्वामी को भूमि की कीमत के अलावा परिसंपत्तियां पेड़, कूप, बंधी, बोरिंग, हैंडपंप आदि का मुआवजा देना पड़ता है। तालबेहट तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत भावनी में इसी नाम के बांध का निर्माण कार्य सिंचाई निर्माण खंड प्रथम करवा रहा है। भावनी निवासी छक्की पुत्र जगन की 3.16 एकड़ भूमि बांध के दायरे में आ गई। इस भूमि पर एक सिंचाई कूप बना हुआ है। नियमानुसार सिंचाई विभाग को भूमि व कूप का मुआवजा देना चाहिए। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। भूमि का मुआवजा अफसरों ने जारी कर दिया पर कूप का पैसा नहीं उसको नहीं मिला। इस संबंध में कृषक ने सिंचाई विभाग अफसरों के समक्ष अपनी बात रखी तो उन्होंने किसान को टरका दिया। इस पर वह जिला मुख्यालय आया और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कूप का मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। ऐसा नहीं होने पर उसने आमरण अनशन की चेतावनी दी। कलेक्ट्रेट में छक्की ने बताया कि सिंचाई विभाग अफसर उसको बहुत परेशान कर रहे हैं। इसी वजह से उसको जिला मुख्यालय जिलाधिकारी के पास आना पड़ा। यदि अभी भी कूप का मुआवजा नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत करेंगे और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।