साढ़ूमल। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान मंडलायुक्त ने मड़ावरा तहसील में आये फरियादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और प्रार्थना पत्र विभागीय अधिकारियों को सौंपकर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा प्रयास करें कि शिकायतों का निस्तारण तुरंत हो जाये याफिर नामित अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करें।तहसील मड़ावरा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 124 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिसमें राजस्व के 26, पुलिस के 17, विकास के 33, सिंचाई के 17, विद्युत के 13, स्वास्थ्य के 05, समाज कल्याण के 05, अग्रणी बैंक प्रबंधक 05, पूर्ति विभाग के 02, जल निगम का 01 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ, जिनमें से सात शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ। तहसील महरौनी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 44 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। राजस्व के 06, पुलिस के 13, समाज कल्याण का 01, स्वास्थ्य विभाग का 01, शिक्षा विभाग का 01 व अन्य विभागों के 22 प्रार्थना पत्र प्राप्त आए। तहसील पाली में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 15 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इसमें राजस्व के 08, पुलिस के 03, विद्युत के 02 तथा अन्य विभागों के 02 शिकायती प्रार्थना पत्र शामिल हैं। तहसील ललितपुर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 52 व तहसील तालबेहट में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 51 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिसमें राजस्व के 08, पुलिस के 12, पूर्ति के 07, जल संस्थान/जल निगम के 06, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक के 04, अन्य विभागों के 14 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिनमें से 01 शिकायत का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।मण्डलायुक्त सुभाष चन्द्र शर्मा ने खंड विकास अधिकारी व तहसील मड़ावरा कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनको तमाम कमियां मिलीं, जिनको दूर करने के लिए मंडलायुक्त विकास विभाग अफसरों के पेंच कसे। ब्लाक कार्यालय के निरीक्षण में उन्होंने सहायक विकास अधिकारी कक्ष, गाड फाइल, व्यक्तिगत पासबुक, आकस्मिक अवकाश पंजिका, जनसुनवाई रजिस्टर, खण्ड विकास अधिकारी के कक्ष का जायजा लिया। इस दौरान पाया गया कि माह अक्टूबर, नवम्बर, दिसम्बर 2019 में मनरेगा, राज्य वित्त आयोग के तहत कोई धनराशि व्यय नहीं की गई, साथ ही गार्ड फाइल में दिनांक 27 नवंबर 2019 को जिला विकास अधिकारी ने अंतिम निरीक्षण किया गया था। जिसकी परिपालन आख्या जनवरी 2020 में भेजी गई थी। इस अवधि में उप जिलाधिकारी मड़ावरा व मुख्य विकास अधिकारी ने कोई निरीक्षण नहीं किया। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारी विकास खंड कार्यालयों का निरीक्षण करते रहें और निरीक्षण रिपोर्ट में अपने हस्ताक्षर के नीचे निरीक्षण की तिथि भी अंकित करें। साथ ही परिपालन रिपोर्ट के प्रत्येक पृष्ठ पर निरीक्षणकर्ता अपने हस्ताक्षर करें। प्रतिदिन जनसुनवाई रजिस्टर में फरवरी माह में 03 व मार्च में 04 शिकायतें दर्ज पायी गईं। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए खंड विकास अधिकारी मड़ावरा को निर्देश दिये कि प्रतिदिन कक्ष में बैठकर अधिक से अधिक लोगों की शिकायतों को सुने। इसके उपरांत मंडलायुक्त ने तहसील मड़ावरा कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पेशगार कक्ष, ई-डिस्ट्रिक कक्ष, संग्रह अनुभाग, कम्प्यूटर कक्ष के साथ खतौनी रजिस्टर, स्टांप रजिस्टर का अवलोकन किया। कमियां दूर करने के लिए निर्देश दिए गए।
तुरंत निपटाएं समस्या, मौके पर जाकर करें निस्तारण